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18 April 2018

पदार्थ : | Matter


पदार्थ (Matter)

ब्रह्मांड अनेक पदार्थों से निर्मित है। ब्रह्मांड की सारी वस्तुएं जिनमें द्रव्यमान तथा आयतन हो वह पदार्थ कहलाता है। पदार्थ का गुण दो बातों पर निर्भर करती है –
  • पदार्थ के कणों की आकृति
  • कणों के व्यवस्थित होने का ढंग।
पदार्थ के गुण को हम दो भागों में बांट सकते हैं –
1. भौतिक गुण - भौतिक के अंतर्गत पदार्थ के रंग, गंध, स्वाद, क्वथनांक, घनत्व, द्रव्यमान तथा हिमांक आता है।
2. रासायनिक गुण - पदार्थ की क्रियाशीलता को बतलाने वाले गुण को रासायनिक गुण कहते हैं।

भौतिक गुण के आधार पर पदार्थ के तीन प्रकार होते हैं –

1. ठोस- जिसका आयतन और आकार निश्चित हो उसे तो उसका जाता है जैसे- लकड़ी, पत्थर इत्यादि। 2. द्रव- आयतन निश्चित हो लेकिन आकार निश्चित नहीं हो तो द्रव कहलाता है जैसे - पानी तेल इत्यादि। 3. गैस- जिसका आयतन और आकार दोनों अनिश्चित हो तो गैस कहलाता है जैसे - ऑक्सीजन, कार्बन डाइऑक्साइड इत्यादि। गैस का कोई पृष्ठ नहीं होता है इसमें विसरण अधिक होता है और इसे आसानी से संपीडित किया जा सकता है। जल ऐसा पदार्थ है जो तीनो अवस्था में पाया जाता है। जल को पूर्ण व्यापी विलायक माना जाता है। रासायनिक गुण के आधार पर पदार्थ तीन अवस्था में पाए जाते हैं – 1. तत्व (Element ) 2. यौगिक (Compound) 3. मिश्रण (Mixture)

तत्व (Element)

ऐसा शुद्ध पदार्थ जिन्हें दो या दो से अधिक भिन्न पदार्थों में विभक्त नहीं किया जा सकता है तत्व कहलाता है जैसे - सोना, लोहा, ऑक्सीजन इत्यादि। तत्व एक ही परमाणु से बने होते हैं और सरल रूप में इनका विभाजन संभव नहीं  है। Lavoisier ने तत्वों को दो भागों में विभक्त किया –

1. धातु ( Metal )

धातु इलेक्ट्रॉन का त्याग कर धन आयन देता है। इसमें चमक होती है। पीटने पर टंकन की आवाज आती है। ऊष्मा का सुचालक है उच्च गलनांक होता है। प्रत्यास्थ होती है और आघात वर्धनीय होती है। सर्वाधिक आकर्षण बल या अंतर आण्विक बल होते हैं। इनकी ऑक्साइड की प्रकृति क्षारीय होती है। ये अवकराक पदार्थ है और अम्ल से अभिक्रिया कर लवण और और हाइड्रोजन का निर्माण करता है। पारा को छोड़कर सभी धातु ठोस अवस्था में पाए जाते हैं। सीसा को छोड़कर सभी धातु विद्युत का सुचालक होता है। सबसे अधिक क्रियाशील धातु तत्व सीजियम है। सबसे अधिक क्रियाशील धातु सोडियम और पोटेशियम होते हैं। सोडियम और पोटेशियम सबसे मुलायम धातु है। सबसे कठोर धातु तत्व प्लेटिनम है।

2. अधातु (Non-metal)

अधातुएँ विद्युत का कुचालक होते हैं लेकिन ग्रेफाइट अपवादस्वरूप विद्युत का सुचालक है। अधातु ठोस द्रव और गैस तीन अवस्था में पाए जाते हैं। ब्रोमीन ऐसा अधातु है जो द्रव व्यवस्था में पाया जाता है। अधातु के ऑक्साइड अम्लीय होते हैं। इलेक्ट्रॉन को ग्रहण करता है और ऋण आयन देता है।सबसे अधिक ऑक्सीकारक पदार्थ और क्रियाशील अधातु फ्लोरीन है और सबसे अधिक विद्युत ऋणात्मक तत्व क्लोरीन है। हीरा ऐसा पदार्थ है जो विद्युत का कुचालक है और ऊष्मा का सुचालक है। सबसे भारी गैसीय तत्व रेडॉन है जो वायुमंडल में नहीं पाया जाता है और यह रेडियो एक्टिव है।

उपधातु (Metalloid)

कुछ ऐसे तत्व होते है जो धातु तथा अधातु दोनों के गुण पाए जाते है ऐसे तत्व को उप धातु कहा जाता है। जैसे- बोरान, सिलिकान, जर्मेनियम, आर्सेनिक, एण्टीमनी और टेल्युरियम। अक्रिय गैस छः है–
  1. हीलियम 
  2. रेडॉन 
  3. जेनॉन 
  4. क्रिप्टोन 
  5. आर्गन 
  6. निऑन 
सबसे अधिक विद्युत का सुचालक धातु- 
  1. चांदी 
  2. तांबा 
  3. एलुमिनियम
चांदी के चम्मच से उबले हुए अंडे को यदि हम काटते हैं तो चम्मच पर काली परत सिल्वर सल्फाइड और सल्फर (अंडा में पाया जाता है) के कारण बनता है। सबसे हल्की धातु लीथियम है। सबसे भारी धातु ऑस्मियम है। सबसे हल्की गैस हाइड्रोजन एवं हीलियम सबसे भारी गैस कार्बन डाइऑक्साइड है। भविष्य का धातु या रणनीतिक धातु टाइटेनियम को कहा जाता है। सबसे कठोर धातु प्लेटिनम है।भविष्य का इंधन हाइड्रोजन को कहा जाता है। हायड्रोजन को आवारा गैस भी कहते हैं। सोना तथा प्लेटिनम को उत्कृष्ट धातु कहा जाता है। कुल 118 तत्व इनमें से 98 ही प्रकृतिक है शेष प्रयोगशाला में बनाए गए हैं, इनमें 22 अधातु 10 ठोस 11 गैस और ब्रोमिन द्रव अवस्था में है। ऑक्सीजन का खोज 1774 में प्रिस्टले किया इन को प्रमाणित Lavoisier ने किया। ऑक्सीजन दो धातु सोना और प्लेटिनम को छोड़कर सभी धातुओं के साथ रासायनिक अभिक्रिया कर सकता है। ऑक्सीजन के तीन समस्थानिक हैं – 16, 17, 18 । सबसे अधिक मात्रा में 16 समस्थानिक पाए जाते हैं (99.76%)। पृथ्वी पर ऑक्सीजन सिलिकेट कार्बोनेट और ऑक्साइड के रूप में पाए जाते हैं। वायुमंडल में ऑक्सीजन 21% पाया जाता है जबकि जल में 23.2% पाया जाता है। भूपर्पटी में 46.8 प्रतिशत पाया जाता है।
भूपर्पटी में 75% अधातु और 25% धातु पाया जाता है जबकि वायुमंडल में नाइट्रोजन - 78%, ऑक्सीजन - 21%, आर्गन - 0.93% कार्बन डाइऑक्साइड - 0.03% पाया जाता है। मानव शरीर में ऑक्सीजन - 65%, कार्बन - 18%, हाइड्रोजन - 10%, नाइट्रोजन - 2.7% पाया जाता है। कृत्रिम श्वसन हेतु ऑक्सीजन के साथ हीलियम मिलाया जाता है।
सबसे कठोर पदार्थ हीरा है तथा सबसे नर्म पदार्थ टेल्क है। कठोरता को मोह (Mohs) स्केल से मापा जाता है। Mohs scale के अनुसार कुछ खनिजों की सूची इस प्रकार हैं।
Mineral Chemical formula Mohs hardness
Talc Mg3Si4O10(OH)2 01
Gypsum CaSO4·2H2O 02
Silicate CaCO3 03
Fluorite CaF2 04
Apatite Ca5(PO4)3(OH−,Cl−,F−) 05
Orthoclase feldspar KAlSi3O8 06
Quartaz SiO2 07
Topaz Al2SiO4(OH−,F−)2 08
Corundum Al2O3 09
Diamond C 10

यौगिक (Compound)

दो या दो से अधिक तत्वों के भार के अनुसार निश्चित अनुपात में मिलाने से यौगिक का निर्माण होता है जैसे जल, नमक इत्यादि। यौगिक को यांत्रिक या भौतिक विधि भौतिक विधि से अलग नहीं किया जा सकता है। इसके गुण अवयवी तत्वों के गुण से भिन्न होता है। यौगिक के निर्माण में प्रचुर मात्रा उष्मा में उत्सर्जित होता है। सुविधा के दृष्टिकोण से यौगिक को दो भागों में बांटा गया है –

1. कार्बनिक यौगिक (Organic compound) -

कार्बनिक यौगिक दहनशील होते हैं। जल में अघुलनशील होते हैं लेकिन कार्बन के घोल में घुलनशील होते हैं। विद्युत के कुचालक होते हैं। द्रावनांक और क्वथनांक कम होता है और धीरे-धीरे अभिक्रिया करते हैं। प्रकृतिक में सबसे अधिक कार्बनिक यौगिक पाए जाते हैं।

2. अकार्बनिक यौगिक (inorganic compound) - 

अकार्बनिक यौगिक आयनिक यौगिक है। यह सभी तरह की यौगिको का निर्माण करता है और दहनशील होते हैं। कार्बन के घोल में अघुलनशील है द्रावनांक और क्वथनांक अधिक होता है तथा तीव्र गति से अभिक्रिया करते हैं।</

मिश्रण (Mixture)

मिश्रण वह अशुद्ध पदार्थ है जो दो या दो से अधिक शुद्ध पदार्थों को किसी भी अनुपात में मिलाने से बना हो। मिश्रण में अवयवी पदार्थों के गुण कायम रहता है। मिश्रण दो प्रकार के होते हैं –

1. समांग मिश्रण (Homogeneous mixture) -

ऐसा मिश्रण जिनकी प्रत्येक भाग का गुण एवं संगठन एक समान हो समांग मिश्रण कहलाता है जैसे - नमक का जल में विलियन, चीनी काजल में विलियन।

2. असमांग मिश्रण (Heterogeneous mixture) -

ऐसा मिश्रण जिनके प्रत्येक भाग का गुण एवं संगठन असामान हो असमांग मिश्रण कहलाता है जैसे - जल तथा तेल का मिश्रण, बालू तथा चीनी का मिश्रण, कंकर तथा चूना का मिश्रण।
हवा जहां समांग मिश्रण है वही कुहासा और समांग मिश्रण है।मिश्रण का पृथक्करण आसवन विधि और रवाकरण विधि द्वारा किया जाता है। किसी पदार्थ का ठोस से सीधे गैस में परिवर्तित हो जाना उर्ध्वपातन कहलाता है जैसे कपूर, आयोडीन आदि।

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